प्रेरक वाक्य


हर रिश्ते में विश्वास रहने दो जुबान पर हर वक़्त मिठास रहने दो यही तो अंदाज़ है जिंदगी जीने का न खुद रहो उदास न दूसरों को रहने दो

उगता हुआ सूरज दुआ दे आपको खिलता हुआ फूल खुशबू दे आपको हम तो कुछ भी देने के काबिल नहीं देनेवाला हज़ार खुशिया दे आपको

जिंदगी में कुछ ऐसा मुकाम हासिल करने की कोशिश करो कि लोग आपका नाम फेसबुक पे नहीं गूगल पर ढूढें।

कभी उसको नजरअंदाज न करो जो तुम्हारी बहुत परवाह करता हो वरना किसी दिन तुम्हें एहसास होगा के पत्थर जमा करते करते तुमने हीरा गवा दिया

क्या बनाने आये थे क्या बना बैठे;  कहीं मंदिर बना बैठे कहीं मस्जिद बना बैठे; हमसे तो जात अच्छी है परिंदों की; कभी मंदिर पर जा बैठे तो; कभी मस्जिद पर जा बैठे।

बुझी शमा भी जल सकती है; तूफानों से कश्ती भी निकल सकती है; होकर मायूस ना यूँ अपने इरादे बदल; तेरी किस्मत कभी भी खुल सकती है।

इंसान के कंधों पर ईंसान जा रहा था कफ़न में लिपटा अरमान जा रहा था जिन्हें मिली बे-वफ़ाई महोब्बत में वफ़ा की तलाश में श्मशान जा रहा था

जो सफर की शुरुआत करते हैं; वो ही मंज़िल को पार करते हैं; एक बार चलने का हौंसला रखो;  मुसाफिरों का तो रास्ते भी इंतज़ार करते हैं।

खुशियां मिलती नहीं मांगने से;  मंज़िल मिलती नहीं राह पर रुक जाने से;   भरोसा रखना खुद पर और उस खुदा पर; सब कुछ देता है वो सही समय आने पर।

सड़क कितनी भी साफ हो धुल तो हो ही जाती है इंसान कितना भी अच्छा हो भूल तो हो ही जाती है

कभी भी हार मत मानो। जब तुम्हारा दिल थक जाये तो अपने पैरों से चलते रहो पर आगे बढ़ते रहो।

हौसला कम न होगा तेरा तूफानों के सामने मेहनत को इबादत में बदल कर देख; खुद ब खुद हल होंगी ज़िन्दगी की मुश्किलें बस ख़ामोशी को सवालों में बदल कर तो देख।

गुलाम बनकर जिओगे तो कुत्ता समजकर लात मारेगी तुम्हे ये दुनिया नवाब बनकर जिओगे तो सलाम ठोकेगी ये दुनिया

दम कपड़ो में नहीं जिगर में रखो बात अगर कपड़ो में होती तो, सफ़ेद कफ़न में लिपटा हुआ मुर्दा भी  सुल्तान मिर्ज़ा होता

मुश्किलों से भाग जाना आसान होता है;  ज़िंदगी में हर मोड़ पर एक इम्तिहान होता है; डरने वालों को मिलता नहीं ज़िंदगी में कुछ भी; लड़ने वालों के क़दमों में सारा जहान होता है।

अपनी ज़ुबान से इतने मीठे शब्द बोलो कि अगर कभी वापिस लेने पड़े तो खुद को कड़वे ना लगें।

मंजिल उन्ही को मिलती है जिनके सपनो में जान होती है;   पंखो से कुछ नहीं होता हौसलों से ही उड़ान होती है।

तजुर्बे ने शेरों को खामोश रहना सिखाया; क्योंकि दहाड़ कर शिकार नहीं किया जाता; कुत्ते भौंकते हैं अपने जिंदा होने का एहसास दिलाने के लिए; मगऱ जंगल का सन्नाटा शेर की मौजूदगी बयाँ करता है।

हम निडर तब बनते हैं जब हम वो करते हैं जिसे करने से हमें डर लगता है।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: