राशिफल


1 अक्तूबर   से 30 अक्तूबर   तक

मेष – इस राशि के लिए यह माह मिश्रित फल देगा ,नवम गुरु उन्नतिकारक है ,मार्गी होकर दशम शनि मान प्रतिष्ठा का लाभ देगा | द्वितीय राहु हानिकारक है | अष्टम केतु के कारण चोट,रोग का भय है | शिव पंचाक्षर मंत्र का जप करना चाहिए |


वृष – अष्टम गुरु, जन्मराशि का राहू ,सप्तम केतु नेष्ट फलदायक है | चोट ,रोग ,विवाद एवं हानि के योग है | पारिवारिक मनमुटाव रहेगा | नवम शनि से लाभ प्रगति के योग है | गुरु की शान्ति करें | शिव पंचाक्षर मंत्र का जप करना उचित रहेगा |


मिथुन – सप्तम गुरु कार्य व्यापर की वृद्धि करेगा, षष्ठ केतु भी कार्य साधक है | 12वाँ राहु, अष्टम शनि नेष्ट है | हानि, विवाद, पीड़ा देंगे | हनुमान उपासना करें | शनि एवं राहू  का दान कराये |


कर्क – सप्तम शनि के कारण पति-पत्नी में विवाद हो सकता है ज्येष्ठ गुरु पूज्य है | संतान पक्ष चिंता कारक है | 11 वाँ राहू लाभकारक है | गुरु का दान करे ,हनुमान उपासना करें |


सिंह – पंचम गुरु, षष्ठ शनि लाभ और प्रगति देंगे | चतुर्थ केतु के कारण हानि ,विवाद, वाहन दुर्घटना हो सकती है | केतु का दान कराये, शिव उपासना करते रहे |


कन्या –चतुर्थ गुरु, नवम राहु हानिकारक है ,पंचम शनि ,तृतीय केतु कार्य, लाभ एवं प्रगति कारक है | गुरु की शान्ति करें | राहू का दान कराये |


तुला – चतुर्थ शनि, अष्टम राहु शारीरिक पीड़ा ,विवाद हानिकारक है | शत्रुवर्ग से सावधान रहे | द्वितीय केतु पारिवारिक मतभेद व धनहानि करेगा | तृतीय गुरु कार्य साधक है | हनुमान उपासना ,शिव पंचाक्षर मंत्र का जप एवं रामरक्षा स्तोत्र का पाठ करें | अशुभ ग्रहों का दान कराएँ |


वृश्चिक – द्वितीय गुरु लाभकारक है | तृतीय शनि कार्य साधक उन्नतिकारक है | जन्मराशि  का केतु चोट, पीड़ा दायक है | सप्तम राहु हानिकारक है | पारिवारिक मतभेद बढ़ सकता है | केतु का दान कराएँ |


धनु – जन्मराशि का गुरु ,द्वितीय साढ़ेसाती शनि, 12 वाँ केतु होने से हानि , विवाद , शत्रु से परेशानी एवं शारीरिक कष्ट के योग हैं | षष्ठ राहु है | गुरु का दान कराएँ | रुद्राभिषेक एवं मृत्युंजय का जप करें |


मकर – इस राशि पर बीच की साढ़ेसाती चल रही है | शारीरिक पीड़ा और आर्थिक तंगी बनी रहेगी | बारहवां गुरु व्यय कारक है गुरुवार का व्रत करें , शनि दान पीपल पूजन व हनुमान उपासना लाभकारी होगा |


कुम्भ -बढती साढ़ेसाती ,एवं चतुर्थ राहु , दशम केतु के कारण चिंता विवाद ,चोट , रोग का भय है | राहु शनि का दान करे | पीपल पूजन ,हनुमान उपासना शिव पंचाक्षर मंत्र का जप करें |


मीन -दशम गुरु 11वाँ शनि तृतीय राहू ,शुभ फलदायी है | लाभ प्रगतिं मांगलिक कार्य से मन प्रसन्न रहेगा | कार्य व्यापार  बढेगा |


पं. राम कृपालु शंख्धार – ज्योतिषाचार्य

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: